“विश्व पर्यावरण दिवस पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान: यूपी स्वच्छ वायु परियोजना शुरू, 35 करोड़ पौधरोपण अभियान लॉन्च”
“CM Yogi’s major announcement on World Environment Day
“CM Yogi’s major announcement on World Environment Day, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश को कई सौगातें दीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना की शुरुआत की। यह भारत की पहली एयर शेड आधारित परियोजना है। इसकी लागत 2741 करोड़ रुपये है और इसमें विश्व बैंक का सहयोग है। यह परियोजना सिंधु-गंगा के मैदानी क्षेत्र को एक इकाई मानकर प्रदूषण नियंत्रण पर काम करेगी। इसमें उत्तर प्रदेश पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर सामूहिक रणनीति बनाएगा। मुख्यमंत्री ने 100 आर्द्रभूमि से संबंधित संकलन और वेटलैंड पोर्टल भी लॉन्च किया। उन्होंने 35 करोड़ पौधरोपण के लिए ''एक पेड़ मां के नाम'' महाभियान- 2026 का लोगो अनावरण किया। श्रावस्ती स्थित गुलरा (केन नाला) को बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट घोषित किया गया।
पर्यावरण संकट मानव निर्मित, समाधान भी हमारे हाथ में : सीएम योगी
विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान शुरू किया। उन्होंने कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में कपूर का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संकट मानव निर्मित है और इसका समाधान भी हम सभी के हाथ में है।
उन्होंने महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिवस पर शुभकामनाएं स्वीकार कीं और बच्चों के साथ स्वयं चित्र भी लिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान को जनांदोलन का रूप दिया है। प्रत्येक नागरिक को अपनी मां की स्मृति में एक पौधा लगाना चाहिए। वन विभाग ने इस अभियान के लिए 50 करोड़ से अधिक पौधे तैयार किए हैं। पांच करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने एकल उपयोग प्लास्टिक बंद करने और वर्षा की बूंदों को संरक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्कूली छात्रों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
विश्व पर्यावरण की गंभीर चुनौती से जूझ रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा विश्व पर्यावरण की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है। यह संकट केवल प्रकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीव सृष्टि को प्रभावित कर रहा है। मौसम चक्र में बदलाव, अतिवृष्टि और अनावृष्टि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने पर जोर दिया। प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवले का पौधा रोपा। वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम का पौधा लगाया। विधायक ओपी श्रीवास्तव ने भी आंवले का पौधा रोपित किया। यह अभियान जनभागीदारी से सफल बनाने पर केंद्रित है।